उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित हुए लेखक पारस जायसवाल

23-11-2017 20:06:24 पब्लिश - एडमिन


पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में कुशीनगर महोत्सव के दौरान समाज के तमाम बुद्धिजीवि, मंत्रीगण और साहित्य से जुड़ी  हस्तियों की उपस्थिति में लेखक पारस जायसवाल को उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित किया गया। ७५ से ज्यादा धारावाहिकों के लेखक पारस जायसवाल ने सिर्फ दूरदर्शन के पैंतालीस सीरियल लिखा है । निर्माता निर्देशकों के पसंदीदा लेखक रहे पारस को हर विषय की पकड़ है।  जिसमें कॉमेडी भी है, थ्रीलर भी है, सायन्स फिक्शन भी है, मैथोलॉजी और हिस्टरोलिकल सीरियल भी हैं । हर तरह के विषय पर उन्होंने कलम चलाई है और उस विषय के साथ न्याय किया है । पारस जायसवाल कहते हैं कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी की बात ये होती है कि जब वो पूरी प्रोडक्शन टीम को संतुष्ट और खुश देखते हैं । जब सेट पर उनकी लेखनी को लेकर चर्चे होते हैं । तारीफे की जाती हैं । ये ईष्वर की बहुत बड़ी देन है, जिसका वो आभार मानते हैं कि हर तरह के विषय के साथ न्याय कर सकते हैं । उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित होकर वह कहते हैं कि उन्हें खुशी भी है और गर्व भी कि फिल्म नगरी ने उन्हें प्यार दिया, सम्मान दिया और अब उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश रत्न से सम्मानित होकर वह बेहद खुश हैं ।

उनके लिखे कुछ सीरियल हैं ... बंधन कच्चे धागों का, दर्द का रिश्ता जिन्दगी एक भंवर, उम्मीद नई सुबह की, बेटी का फर्ज, लकीरे किस्मत की, मंगलसूत्र, मुआवजा, ऐ दिल-ए-नादान, नर्गिस, कसक, कश्मकश, कुल की ज्योती कन्या, इम्तहान, एहसास कहानी एक घर की, हम तुमको ना भूल पायेंगे, सपने साजन के, अर्धांगिनी, सुराग, सबूत, डिटेक्टिव करन, राज द थ्रीलर, वो कौन, मुजरिम कौन, खौफ, चीख एक खौफनाक सच, खाकी एक वचन आदि ... हमने पारस जायसवाल से पूछा कि भविश्य की क्या प्लानिंग है ? उन्होंने बताया कि उनकी तीन फिल्में फ्लोर पर हैं ... लव की ऐसी की तैसी, इश्क सूफियाना और एक अन्य तथा दो फिल्में जो प्रदर्शन के लिए तैयार हैं, घर वापसी और साँवरिया जो अगले महीनों में प्रदर्शित होंगी ।