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मोदी सरकार की नीति से मीडिया सेक्टर की बल्ले बल्ले

31-12-2017 9:36:42 पब्लिश - एडमिन


केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा मीडिया सेक्टर में एफडीआई की सीमा बढ़ाने के बाद यह आंकडा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुजरे तीन सालों के दरम्यान मीडिया सेक्टर में 3.14 बिलियन डालर विदेशी निवेश आकर्षित करने में कामयाबी हासिल की है। हालाकि सरकार ने प्रिंट मीडिया को 26 फीसदी पर छोड़ दिया, वहां कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सीआर चैधरी ने संसद में यह जानकारी दी।
श्री चैधरी ने आंकडे जारी करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के 1.5 बिलियन डालर के सापेक्ष 2018 की प्रथम छमाही में 363.75 बिलियर डालर विदेशी निवेश हुआ। यह आंकड़ा वर्ष 2016 में 1.09 बिलियन डालर पहुंच गया था जबकि वर्ष 2014-15 में मात्र 254.96 मिलियन डालर तक सीमित रहा था। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सीआर चैधरी ने संसद को बताया कि सूचना एवं प्रसारण सेक्टर में पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान कई अहम और बडे सौदों को मंजूरी दी गई है जबकि आठ एफडीआई प्रस्ताव अभी भी लम्बिम है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सीआर चैधरी के अनुसार स्टार इंडिया द्वारा 346 मिलियन डालर में ‘मां टीवी नेटवर्क’ का प्रसारण कारोबार अधिगृहित कर लिया है। ‘स्टार’ द्वारा 50 मिलियन डालर में ‘एशिया नेट’ के 13 फीसदी शेयरों का अधिग्रहण, मीडिया कम्पनी ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राईजेज लिमिटेड के स्पोर्टस चैनल के ‘टेन स्पोर्टस’ का 366.32 मिलियन डालर में, ‘सोनी पिक्चर्स नेटवक्र्स इंडिया द्वारा किया अधिग्रहण और ‘सिल्वर ईगल ने 300 मिलियन डालर में विडियोकाॅन डीटूएच’ में 33.5 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी ने मीडिया सेक्टर में एनडीआई को प्रोत्साहित करने की गरज से टीवी न्यूज और एफएम रेडियो में निवेश की सीमा 49 प्रतिशत कर दी थी। सरकार ने प्रसारण कैरिज सेवा जिनमें केबल टीवी, डायरेक्ट टू होम और मोबाइल टीवी में एफडभ्आई की सीमा 74 से बढ़ाकर सौ प्रतिशत को मंजूरी दे थी। नाॅन न्यूज चैनलों को भी एफडीआई के लिए स्वचालित मार्ग के तहत लाया गया था। केन्द्र सरकार ने प्रिट मीडिया के निवेश की अधिकतम सीमा 26 फीसदी में कोई बदलाव न करते हुए उसे छोड़ दिया था। केन्द्र सरकार ने जून 2016में प्रसारण कैरिज सेवाओं के लिए एफडीआई पालिसी में आमूल चूल परिवर्तन करत स्वचालित मार्ग के तहत सौ फीसदी की स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इससे पूर्व पालिसी के तहत मीडिया सेक्टर में अधिकतम एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत थी। हालांकि कम्पी में 49 फीसदी से ज्यादा एफडीआई के लिए लाईसेंस या अनुमति की जरूरत नहीं है लेकिन कम्पनी के मालिकाना ढांचे में बदलाव अथवा वर्तमान निवेशक द्वारा शेयरो को नये विदेशी निवेशक को ट्रांसफर करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।

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