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छत्तीसगढ़ में पत्रकारों को विशेषाधिकार नोटिस जारी

02-01-2018 21:30:28 पब्लिश - एडमिन



रायपुर। मीडिया की आजादी की वकालत करने वाली भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ में दो पत्रकारों के खिलाफ की गयी कार्रवाई से पत्रकार जगत में आक्रोश व्याप्त है। राजधानी रायपुर के मीडियाकर्मियों ने आपात बैठक कर दो पत्रकारों पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई विशेषाधिकार नोटिस जारी करने पर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया है। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने भी विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल द्वारा की गई कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मीडियाजगत की चर्चाओं के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने एकतरफा कार्रवाई कर मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास किया है।
मिल रही जानकारी के अनुसार विधानसभा के चार दिवसीय शीतकालीन सत्र के दौरान सांध्य दैनिक छत्तीसगढ़ के पत्रकार शंशाक तिवारी और सम्पादक को विशेषाधिकार नोटिस जारी किया। शंशाक का पत्रकार दीर्घा पास भी वापस ले लिया गया है। पत्रकारों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई कार्रवाई को दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए आक्रोश जताया है। बताया जाता है कि विस अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने सत्र के दौरान 18 दिसम्बर यानि गुरू घासीराम जयन्ती के दूसरे दिन सत्र आहूत किया जिससे दूर दराज के विधायकों को सत्र में भाग लेने के लिए आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ में चुनावी साल चल रहा है जिस कारण विधायक सार्वजनिक समारोह में शिरकत नहीं कर पा रहे। सांध्य दैनिक छत्तीसगढ़ के चर्चित कालम ‘‘राजपथ-जनपथ’’ में इस पर चुटीली टिप्पणी की गई जिससे विधानसभा अध्यक्ष इतने नाराज हुए कि उन्होंने आधी रात को अविश्वास प्रस्ताव के बीच पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सम्पादक और विधानसभा का कवरेज करने वाले पत्रकार शंशाक तिवारी को विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी कर दिया। काबिले गौर बात यह है कि कालम लिखने वाले का नाम नहीं लिखा जाता बावजूद इसके शंशाक को सिर्फ इसलिए टारगेट किया गया कि वह विधानसभा को कवर करते हैं। मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ में यह पहला अवसर है कि संसदीय परम्पराओं को ताक पर विस अध्यक्ष ने सीधे कार्रवाई की। संसदीय परम्पराओं के तहत इस प्रकार के मामलों में पहले नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाता है। 
राजधानी रायपुर कूे मीडियाजगत में विस अध्यक्ष की सीधी कार्रवाई से नाराजगी है। प्रेस क्लब की बैठक में विस अध्यक्ष की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए निर्णय किया गया कि जल्द ही विस स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल से भेंट कर आपत्ति दर्ज करायी जायेगी। नेता प्रतिपक्ष टीआर सिंहदेव ने भी स्पीकर द्वारा की गई कार्रवाई पर एतराज जताया है। 

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