* *** आक्रोष4मीडिया भारत का नंबर 1 पोर्टल हैं जो की पत्रकारों व मीडिया जगत से सम्बंधित खबरें छापता है ! आक्रोष4मीडिया को सभी पत्रकार भाइयों की राय और सुझाव की जरूरत है ,सभी पत्रकार भाई शिकायत, अपनी राय ,सुझाव मीडिया जगत से जुड़ी सभी खबरें aakrosh4media2016@gmail.com व वव्हाट्सएप्प पर भेजें 9897606998... |संपर्क करें 9411111862 .खबरों के लिए हमारे फेसबुक आई.डी https://www.facebook.com/aakroshformedia/ पर ज़रूर देखें *** *

आरटीआई पर राव की राय का इंतेजार कर रहे हैं पत्रकार

26-07-2019 13:59:45 पब्लिश - एडमिन



RTI पर राव की राय का इंतेजार कर रहे हैं पत्रकार के.विक्रम राव साहब से एक लेख की ग़ुज़ारिश 

हम लखनऊ वासी स्वभाग्यशाली हैं। हमारे शहर में के.विक्रम राव साहब जैसे क़ाबिल सहाफी हैं। ढाई दशक से ज्यादा वक्त के दौरान मैंने इन्हें सैकड़ों बार सुना। सैकड़ों बार पढ़ा। बहुत कुछ सीखा भी। ये इंकबाली पत्रकारिता की तरबियत के आखिरी चिराग हैं। इनकी हयात  मिशन पत्रकारिता की मंदिर/दरगह के तबर्रुक ( प्रसाद ) जैसी है | मैंने इनको खूब सुना भी और ख़ूब पढ़ा भी। ये बताते हैं किस तरह इंदिरा गांधी की ताकतवर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर गये थे। इमरजेंसी के दौर में कांग्रेस सरकार की तानाशाही के खिलाफ किस तरह ईट से ईट बजा दी। कितनी बार जेल गये। राव साहब का इतना पुराना अतीत हमने नहीं देखा था।  इनसे ही सुना था। लेकिन विक्रम सर की कई खूबियों को बहुत नज़दीक से महसूस किया है। दस-पंद्रह बरस पहले की बात है। रूटीन रिपोर्टिंग के ज़माने मे अच्छी ख़बर लिखने पर इनका प्रोत्साहन ऊर्जा देता था। किसी भी बेहतर खबर/रेडियो-टीवी रिपोर्ट की तारीफ करने के लिए सुबह-सुबह फोन करते और हौसला बढ़ाते थे। मैं ही नहीं पत्रकारिका के दर्जनों नवअंकुरों को प्रोत्साहित करने का उनका शग़ल उनकी बड़ी खूबी रही है। अब मुद्दे पर आते हैं। क्यों विक्रम सर की याद आई ! अभी- अभी सूचना के अधिकार को कमज़ोर करने की खबरे पढ़ रहा था। तब वो दिन याद आये जब R.T. I. कानून का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी जैसा उत्साह था। जश्न मन रहे थे। मैंने के.विक्रम राव साहब के भाषण मे RTI की खूबियों को तफ्सील से सुना था।  सन् 2005 की बात है। यूपी प्रेस क्लब वालों ने R.T.I.  लागू होने की खुशी में अज़ीमोशान (भव्य) जलसा मुनक्किद (आयोजित) किया था। मुझे याद है ये कार्यक्रम शाम के बाद हुआ था। ये वक्त हर मायने से पत्रकारों के लिए महत्तवपूर्ण होता है। खासकर प्रेस क्लब मे तो शाम के बाद के वक्त में अमतौर से कार्यक्रम नहीं होते हैं।पत्रकारों के.उत्साह से भरे  प्रेस क्लब के इस जलसे मे प्रदेश के बड़े पत्रकार और तमाम शोबों की बड़ी-बड़ी हस्तियां इकट्ठा थीं। लेकिन R.T.I.  की खूबियों पर राव साहब की तक़रीर दिल मे उतर गयी थी। मुझे याद है, उन्होंने कहा था कि आर टी आई पत्रकारों और पत्रकारिता का सबसे सशक्त हथियार साबित होगा। आम इंसानों और पत्रकारों का ये हक़ भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करेगा। पत्रकारों के हाथ मजबूत करने वाले राइट टू इंफोर्मेशन की ताकत को हमे महफूज रखना है। ये कानून पत्रकारिता की हिफाजत करेगा और हम सहाफियों का ये फर्ज है कि हम इस कानून ( RTI)  के मुहाफिज़ (रक्षक) बने। अब सुन रहे हैं कि सूचना के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। इसकी ताकत और पार्दर्शिता पहले जैसी नहीं रहेगी। इसमे संशोधन होगा। काफी तंग दायरे मे इसे महदूद (सीमित) कर दिया जायेगा।

नवेद शिकोह


आक्रोष4मीडिया भारत का नंबर 1 पोर्टल हैं जो की पत्रकारों व मीडिया जगत से सम्बंधित खबरें छापता है ! आक्रोष4मीडिया को सभी पत्रकार भाइयों की राय और सुझाव की जरूरत है ,सभी पत्रकार भाई शिकायत, अपनी राय ,सुझाव मीडिया जगत से जुड़ी सभी खबरें aakrosh4media2016@gmail.com व वव्हाट्सएप्प पर भेजें 9897606998... |संपर्क करें 9411111862 .खबरों के लिए हमारे फेसबुक आई.डी https://www.facebook.com/aakroshformedia/ पर ज़रूर देखें

अपनी राय नीचे दिये हुए कमेंट बॉक्स में लिखें !