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द ट्रिब्यून की पत्रकार रचना का पुलिस को जानकारी देने से इन्कार

11-01-2018 19:21:56 पब्लिश - एडमिन


चंडीगढ़। आधार कार्ड से सम्बन्धित स्टोरी ब्रेक करने वाली द ट्रिब्यून की महिला पत्रकार रचना खैरा के खिलाफ केस दर्ज करने से मीडिया जगत में अच्छा खासा बवाल हो गया है। रचना खैरा के समर्थन में समस्त मीडिया महारथी और मीडिया संस्थान एकजुट होकर खड़े हो गये हैं। यूआईडीएआई के स्पष्टीकरण से असहमत मीडिया जगत ने रचना के खिलाफ दायर मुकदमा वापस लेने की पुरजोर मांग की है।

द ट्रिब्यून की महिला पत्रकार रचना खैरा से इस मामले पर वेबाइट फर्स्ट पोस्ट ने बातचीत की तो रचना ने खुलकर बोलते हुए कहा कि अगर वह पूरा विवरण दे देंगी तो आगे स्टोरी कैसे करेंगी। रचना ने दो टूक कहा कि उनसे इस बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराने की उम्मीद नहीं की जाये। उन्होंने कहा कि आधार के सन्दर्भ में उन्हें कुछ और खबरे करनी थीं। दरअसल रचना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने रचना से इस बारे में जानकारियां मांगी हैं। रचना ने साफ फर्स्ट पोस्ट से चैट करते हुए लिखा किः-%&^^Let this particular story settle down. Ab UIDAI ko itne zyada dhakke bhi maarne ki zaroorat nahi hai na... Woh log inefficient hain toh ab inefficient logon ko, eh, buzurgon ko ghar se bahar thodi nikaal dete ho na. You, you give them, you make them understand. Toh woh thoda sa unko hum time dete hain. Aur agar woh cooperate karenge toh hum unke saath [information] share karenge**A रचना खैरा अपनी खबर पर हुई सकरात्मक प्रतिक्रियाओं से काफी उत्साहित और खुश है। रचना के अनुसार आधार सम्बन्धी खबर कोई पूर्व सुनियोजित खबर नहीं थी। उन्हें अचानक जानकारी मिली और उन्होंने खबर की। रचना ने बताया किए‘It was not a planned operation. Hamein information aayi thi. Hamne uspar act kiya. Aur jab hamne inspect karne ki koshish ki toh woh problem hamein pata chali.’। रचना के अनुसार आधार की गोपनीयता सुरक्षित न होने सम्बन्धी जो जानकारी उन्हें मिली उसके आधार पर उन्होंने पूरी खबर बनायी और अपने सीनियर से सलाह मशवरा किया जिस पर वह सब उत्साहित हुए। रचना के समर्थन में खड़े ट्रिब्यून यूआईडीएआई के एडीजी को उनके नोटिस के जवाब मंे कहा कि यूआईडीएआई के किसी अधिकारी को आकर बातचीत करनी चाहिए। ट्रिब्यून ने सहयोग का आश्वासन दिया है।

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