जाधव को जासूस साबित करने वाले ‘द क्विंट’ को बंद करने की मांग

08-01-2018 17:58:49 पब्लिश - एडमिन


भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव का मुददा बने पाकिस्तानी जेल में जासूसी के कथित आरोप में जेल में बंद पूर्व नौसेना बआफीसर कुलभूषण जाधव मामले में वेब पोर्टल ‘द क्विंट’ को बंद करने की नौबत आ गयी है। जाधव से सम्बन्ण्धित एक स्टोरी छापने के बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आयी। लोगों ने इस प्लेटफार्म को तत्काल बंद करने की जोरदार मुहिम छेड़ दी।
‘द क्विंट’ को टीवी-18 के प्रमोटर राघव बहल ने टीवी-18 उद्योग जगत की नामचीन हस्ती मुकेश अम्बानी को बेचने के बाद प्रारम्भ किया था। ‘द क्विंट’ फिलहाल टीवी से प्रसारित होना शुरू नहीं हुआ है। यह वेब वर्ल्ड पर देखा जा रहा है। जाने माने न्यूज चैनल सीएनबीसी के पूर्व एडिटर संजय पुगलिया के पास इसकी कमान है। विवाद उस समय शुरू हुआ जब ‘द क्विंठ’ ने शुक्रवार को जाधव से जुड़ी एक स्टोरी .Two Ex RAW Chiefs did not want Kulbhushan Jadhav recruited as spy। शीर्षक से जारी की। स्टोरी में प्रस्तुत तथ्यों में यह दर्शाने की भरपूर कोशिश की गयी है कि जाधव रॉ का स्पाई अर्थात जासूस है। जाधव से जुड़ी इस तथाकथित एक्सक्लूसिव न्यूज में लगभग स्वीकार कर लिया गया है कि जाधव जासूस है हालांकि रॉ के दो पूर्व चीफ जाधव को जासूस बनाने के विरोध में थे। हैरत कीबात यह है कि स्टोरी की वास्तविकता को साबित करने के लिए किसी अधिकारी का कोई आधारिक बयान नहीं है और न कोई अन्य साक्ष्य है। स्टोरी राइटर ने पूरी स्टोरी निज जानकारी के स्त्रोत पर बयान की है। एक ओर जब केन्द्र सरकार जाधव को बेकसूर साबित करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में पाकिस्तान को बेनकाब कर चुकी है वहीं देश के एक ही वेबपोर्टल ने सरकार की कोशिशों पर पानी फेरते हुए जाधव को जासूस साबित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी।
‘द क्विंट’ की इस स्टोरी पर लोगांे पे गहरी नाराजगी का इजहार करते हुए इस डिजिटल प्लेटफार्म को ब्लाक करने की मांग की है। टिवटर पर लोगो की तीखी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद हालांकि द क्विंट ने यह स्टोरी हटा ली है लेकिन जनता की मुहिम जोर पकड़ती जा रही है।

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