आजतक के सीनियर पत्रकार देवांशु झा की पुस्तक "समय वाचाल है" का विमोचन

12-11-2017 12:40:45 पब्लिश - एडमिन


युवा पत्रकार और कवि देवांशु कुमार झा की काव्य रचना "समय वाचाल है"  का औपचारिक विमोचन हो गया है। आजतक के साहित्य मंच से इस काव्य संग्रह के अंश को पढ़कर देवांशु ने इसके सार को लोगों के सामने रखा। ऐसे तो आजतक के इस मंच पर कई दिग्गजों का जमावड़ा दिखा लेकिन एक प्रगतिशील पत्रकार और कवि की वेदना से किसी ने वास्ता रखना उचित नहीं समझा। लेकिन सौभाग्य की बात ये है कि, युवा कवि कि कविता सुनने के लिए इस अवसर पर गुड़गांव से उनकी वृद्ध मां उनके बड़े भाई  के साथ आई हुई थीं। बेशक, किसी भी उभरते हुए कवि की ये चाहत होगी कि उसके किताब का विमोचन किसी नामचीन हस्ती के हाथों हो लेकिन  यह सौभाग्य बहुत कम लोगों को ही मिलता है कि ऐसे अवसर पर मां सामने बैठी हो। 

अपने खट्टे मीठे अनुभव को पत्रकार देवांशु ने अपने फेसबुक पर साझा करते हुए लिखा है कि, "मुझे बचपन याद आया जब सैकड़ों मर्तबा मेरी दसवीं पास मां ने रवीन्द्र के गीतों का मर्म समझाया था, मरण रे तुम मम श्याम समान, मेघेर पोरे मेघ जमे छे, झरो-झरो बोरिशे बारि-धार, .की गाबो आमि की सुनाबो आजे आनंदो धामे" अब मां कविता नहीं समझती। मौजूदा वक्त की कविताएं उतना पढ़ना भी नहीं होता उनसे तथापि वे हमारे समय के उदीयमान, स्वनामधन्य, आत्मरत मूढ़ कवियों से बेहतर समझती हैं । मैं कवि रहूं या न रहूं, मां की विलक्षण कविता तो हमेशा मेरे साथ रहेगी ।

युवा पत्रकार और कवि देवांशु कुमार झा आजतक चैनल के संपादकीय में सीनियर पद पर कार्यरत हैं । "समय वाचाल है" के लिए कड़ी मेहनत की है, और निश्चित तौर पर उनकी रचना पाठकों को पसंद आएगी।हालांकि अभी मार्केट में देवांशु के काव्य रचना का  बेसब्री से इंतजार है। 

आक्रोश4मीडिया के तरफ से इस  कीर्ति के लिए युवा कवि और पत्रकार देवांशु कुमार झा को हार्दिक शुभकामनाएं।

( नोएडा से वरिष्ठ पत्रकार की रिपोर्ट के आधार पर )