* आक्रोष4मीडिया भारत का नंबर 1 पोर्टल हैं जो की पत्रकारों व मीडिया जगत से सम्बंधित खबरें छापता है ! आक्रोष4मीडिया को सभी पत्रकार भाइयों की राय और सुझाव की जरूरत है ,सभी पत्रकार भाई शिकायत, अपनी राय ,सुझाव मीडिया जगत से जुड़ी सभी खबरें aakrosh4media@gmail.com व वव्हाट्सएप्प पर भेजें 9897606998... |संपर्क करें 9411111862 .खबरों के लिए हमारे फेसबुक आई.डी https://www.facebook.com/aakroshformedia/ पर ज़रूर देखें *

मीडिया पर मेहरबान नहीं रहे वित्तमंत्री जेटली

03-02-2018 18:47:15 पब्लिश - एडमिन


मीडिया पर मेहरबान नहीं रहे वित्तमंत्री जेटली
सशक्त इंडिया की नींव कहे जा रहे मोदी सरकार के अन्तिम बजट में लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ को निराश कर दिया है। केन्द्रीय वित्तमंत्री ने आम बजट 2018-19 में मीडिया सेक्टर के लिए 4088.98 करोड़ का प्रावधान किया जबकि पिछले बजट में यह राशि 4409 करोड़ रूपये थी। इस बार 7.5 प्रतिशत की कमी की गई। इसके बावजूद यह धनराशि वर्ष 2017-18 के लिए रिवाइज्ड धनराशि से 11.8 फीसदी अधिक है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को आवंटित बजट वित्तीय वर्ष 2017-18 के मुकाबले सात फीसदी कमी की गयी है जबकि मीडिया सेक्टर को इजाफे की उम्मीद थी। डायरेक्टरेट आफ एडवरटाईजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी (क्।टच्), ‘डायरेक्टरेट आॅफ फील्ड पब्लिसिटी ( क्थ्च् ), और सांग एंड ड्रामा डिवीजन ( ै-क्क् ) को मिलाकर गठित इकाई ‘ब्यूरो आॅफ आउटरिच एंड कम्युनिकेशन ( ठव्ब्) के लिए 174.29 करोड़ मंजूर किये गये हैं जो तीनों डिवीजनों के लिए स्वीकृत कुल राशि से 5.6 फीसदी कम है।
आम बजट में ब्राडकास्ट सेक्टर को आंवटित बजट राशि 3374.70 करोड़ को कम करते हुए 3090.27 करोड़ स्वीकृत किये गये हैं। पब्लिक ब्राडकास्ट कम्पनी ‘प्रसार भारती’ के लिए जारी बजट में पिछले वर्ष आंवटित 2996.70 करोड़ में 5.8 फीसदी की कमी करते हुए 2820.56 करोड़ का प्रावधान किया गया है लेकिन यह गत वर्ष के संशोधित बजट से 10.8 प्रतिशत ज्यादा है, जो 2514.37 करोड़ रूपये था। मीडिया सेक्टर की अपेक्षा महाराष्ट्र के पुणे स्थित ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया’ ( थ्ज्प्प्) को आवंटित व्यय में वृद्धि की गयी है। पहले यह जहां 29.22 करोड़ रूपये था उसे बढ़ाकर 31.29 करोड किया गया है। इसी तरह कोलकाता के ‘सत्यजीत रे फिल्म एंड टलीविजन इंस्टीटयूट ( ैत्थ्ज्प्) के खर्च को 14.37 करोड से बढ़ाकर 16.46 करोड़ रूपये कर दिया गया।
चालू वित वर्ष में पत्रकारों की सुरक्षा और उसके हितों पर नजर रखने वाली प्रेस काउंसिल आॅफ इंडिया ( च्ब्प्) के बजट में भी दो करोड़ की कटौती गयी है। पिछले साल जहां 8.54 करोड़ दिये गये थे वहीं इस बार इसमें कमी करते हुए 6.73 करोड़ रूपये कर दिया गया है। आम बजट 2018-19 में सरकार द्वारा वित्त पोषित और आगे बढ़ाये जाने वाले मीडिया संस्थान ‘इंडियन इंस्टीटयूट आॅफ मास कम्युनिकेशन ( प्प्डब्) को भी कमी का सामना करना पड़ा है।  

अपनी राय नीचे दिये हुए कमेंट बॉक्स में लिखें !