मजीठिया मामले में क्लेम करने वालों की जीत तय एडवोकेट उमेश शर्मा ने टाइमबांउण्ड के निर्णय का किया स्वागत

16-10-2017 23:28:37 पब्लिश - एडमिन


जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट में देश भर के मीडियाकर्मियों का केस लड़ रहे जाने माने एडवोकेट उमेश शर्मा ने 13 अक्टूबर को सुप्रीमकोर्ट द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड मामले को श्रम न्यायालय और कामगार विभाग द्वारा टाइमबाउंड करने के निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि मजीठिया वेज बोर्ड मामले में क्लेम लगाने वाले मीडियाकर्मियों की जीत तय है।इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ उनको ही मिलेगा जो वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट की धारा 17 (१) के तहत क्लेम लगाएंगे।एडवोकेट उमेश शर्मा ने कहा कि माननीय सुप्रीमकोर्ट का आदेश साफ संकेत देता है कि मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ पाने का दो रास्ता है या तो मालिक अपने से इसकी शिफारिश लागूं कर दें जो कि असंभव है तो फिर सिर्फ एक रास्ता बचता है और वो है 17 (1) का क्लेम लगाना।उमेश शर्मा ने साफ कहा है कि जो भी मीडियाकर्मी क्लेम लगाएंगे उनकी जीत तय है।एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उमेश शर्मा ने कहा कि मैं शुरू से ही इस मामले को टाइमबाउंड कराने और इस बावत एक कमेटी बनाने पर जोर दे दे रहा था।आपको बतादें कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जस्टिस माजीठिया वेज बोर्ड मामले में अहम फैसला सुनाते हुए देश के सभी राज्यों के श्रम विभाग एवं श्रम अदालतों को निर्देश दिया कि वे अखबार कर्मचारियों के मजीठिया संबंधी बकाये सहित सभी मामलों को छह महीने के अंदर निपटाएं। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति रंजन गोगोई एवं नवीन सिन्हा की पीठ ने ये निर्देश अभिषेक राजा बनाम संजय गुप्ता/दैनिक जागरण (केस नंबर 187/2017) मामले की सुनवाई करते हुए दिए। गौरतलब है कि मजीठिया के अवमानना मामले में 19 जून 2017 के फैसले में इस बात का जिक्र नहीं था जिसे लेकर अभिषेक राजा ने सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्पष्टीकरण की गुहार लगाई थी। एडवोकेट उमेश शर्मा ने सभी मीडियाकर्मियों से मजीठिया वेज बोर्ड मामले में क्लेम लगाने का निवेदन किया है। शशिकांत सिंह पत्रकार और आर टी आई एक्सपर्ट 9322411335