मजीठिया मामले में  सुप्रीमकोर्ट ने लेबरकोर्ट को दिया  ६ माह में मामलोंके निस्तारण का आदेश

24-10-2017 23:28:37 पब्लिश - एडमिन


एडवोकेट उमेश शर्मा ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले की तारीफ की जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीमकोर्ट ने आज २४ अक्टुबर २०१७को एक आदेश जारी कर देश भर की लेबर कोर्ट और इंडस्ट्ीयल कोर्ट को निर्देश दिया है कि १७(२) के मामलों को निस्तारण प्रार्थमिकता के आधार पर ६ माह के अंदर करें। माननीय सुप्रीमकोर्ट ने आज जारी अपने आदेश में उन मामलों पर कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की जो लेबर विभाग में चल रहे हैं।  माननीय सुप्रीमकोर्ट के आज जारी आदेश का उन मीडियाकर्मियोें ने स्वागत किया है जिनका मामला लेबरकोर्ट या इंडस्ट्रीयल कोर्ट में१७(२) का मामला चल रहा था। लेकिन उन लोगो को थोड़ी परेशानी होगी जिनका १७(१)मामला लेबर विभाग में चल रहा है। आज आये माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश का देश भर के मीडियाकर्मियों की जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट उमेश शर्मा ने स्वागत किया है और कहा है कि ये आर्डर बहुत ही अच्छा है। उन्होने कहा है कि इसमें सुप्रीमकोर्ट को १७(१) को भी कवर्ड करना चाहिये था।  उन्होने कहा है कि माननीय सुप्रीमकोर्ट के आज आये आर्डर से मीडियाकर्मियों की लड़ाई आसान हो गयी है मगर मीडियाकर्मियोेंं को चाहिये कि अपनी लड़ाई अब होश में लड़े। सबसे पहले कागजों पर अपनी कंपनी का क्लासिफिकेशन के और आप जिस पद पर काम कर रहे हैं और आपका पोस्ट तथा ड्युटी चार्ट जरुर अच्छी तरह से रखें। साथ ही उमेश शर्मा ने कहा है कि कर्मचारी अपनी ओर से लेबरकोर्ट या लेबर विभाग या इंडस्ट्रीयल कोर्ट में डेट ना लें। क्लेम करने वाले मीडियाकर्मी कागजातों से ही लड़ाई जीत सकते हैंइसलिये ज्यादा से ज्यादा कागजाती द्स्तावेज अपने पास रखें। एडवोकेट उमेश शर्मा ने यह भी कहा है कि जिन  लोगो ने १७(१) का क्लेम लगाया है उन्हे इस आर्डर से निराश होने की जरुरत नहीं है । वे अपना मामला जल्द से जल्द १७(२) में लेबर कोर्ट में ले जायें। जहां से उनकी जीत तय है। सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश नवीन सिन्हा की खंड पीठ ने वेजबोर्ड के तहत वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट की धारा 17(2)के मामलों को निपटाने के लिए देश भर के लेबर कोर्टों/ट्रिब्यूनलों को श्रम विभाग द्वारा रेफरेंस करके भेजे गए रिकवरी के मामलों को छह माह के भितर प्राथमिकता से निपटाने के आदेश जारी किए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह आदेश अपलोड होते ही मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे अखबार कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। ज्ञात रहे कि हजारों अखबार कर्मी सात फरवरी 2014 को दिए गए सुप्रीम कार्ट के आदेशों के तहत मजीठिया वेजबोर्ड के तहत एरियर व वेतनमान की जंग लड़ रहे हैं। इनमें से सैकड़ों कर्मी अपनी नौकरी तक खो चुके हैं। संलग्न - २४ -१० -२०१७ का सुप्रीमकोर्ट का आर्डर  शशिकांत सिंह  पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट  ९३२२४११३३५