लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में ,सरकार ने ली सुध

27-10-2017 23:28:37 पब्लिश - एडमिन


देश के अलग-अलग राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकारों पर लगातार हमले की खबरें की सामने आ रही है, जिसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब चिंता जताई है। पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और गृह सचिवों को दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसमें सभी राज्यों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों पर हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय ने लिखा है कि पत्रकारों पर हमले के मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। अपराधियों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जारी गृह मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है कि वे 1 अप्रैल, 2010 और 23 मई, 2017 को इसी संबंध में दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित करें कि मीडियाकर्मियों की अभिव्यक्ति की आजादी और निर्भय होकर काम करने के अधिकारों का कोई उल्लंघन न करने पाए। निर्देश में साफ साफ लिखा गया है कि देश और समाज को जागरुक रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले मीडियाकर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा राज्य का कर्तव्य है, क्योंकि पत्रकार यह सुनिश्चित करते हैं कि जनता की आवाज हुक्मरानों तक पहुंचे। वहीं देश के सामने सच्चाई लाने के लिए भी खतरे मोल लेते हैं। राज्यों को दिए निर्देश में गृह मंत्रालय ने कहा है कि 'लोकतंत्र का चौथा स्तंभ' महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों को संविधान में मुहैया कराए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार हासिल है। नागरिक बिना किसी भय के स्वतंत्र रूप से अपना विचार रख सकते हैं।