खनन माफियाओ और पथरी थानेदार की साजिश का शिकार हुऐ पत्रकार

24-11-2017 19:41:34 पब्लिश - एडमिन


खनन माफियाओ और पथरी पुलिस की गठजोड़ कोई नई बात नही है कई बार पथरी पुलिस के अधिकारियों पर अवैध खनन कराने के चलते गाज भी गिर चुकी हैं हाल ही मे पथरी पुलिस की पूरी की पूरी फेरूपुर चौकी भी संस्पैंड कर दी गई थी पर फिर भी अवैध खनन की कमाई का चस्का पथरी पुलिस को लगा रहा और कोई इसके बीच मे आये तो उन्हें बिलकुल अच्छा नही लगता !

खनन माफियाओ और पुलिस की इस जोडी के बीच मे आना कुछ पत्रकारो इस बार इतना मंहगा पडा कि खनन माफिया के ईशारे पर उनके खिलाफ तुरंत मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया वाक्या 22 तारीख दिन बुधवार शाम चार बजे का है जब पत्रकार अरूण कश्यप के फोन पर एक किसान का फोन आया उसने बताया कि कुछ खनन माफिया जेसीबी, डंफरो से खेतो मे खुदाई कर उन्हे बर्बाद कर रहे हैं तथा खनन सामग्री निकालकर बाहर भेजा जा रहा है !

किसान ने बताया कि माफियाओ का जिसका मन करता है उसी का खेत जेसीबी मशीनो से खोदकर खनन सामग्री बेच देते हैं शाम करीब पॉच बजकर 10मिनट पर अरूण कश्यप अपने साथी पत्रकार सुनील शर्मा और एक पत्रकार नयाब के साथ सुखराता स्थित उस जगह पहुंचे जहॉ से अवैध खनन से लदे वाहन निकल रहे थे उन्होने वहॉ तुरंत 9411112838नंबर पर सूचना पथरी थाना प्रभारी गजेंद्र बहुगुणा को दी और उनसे कवरेज के लिए पुलिस सहायता भी मांगी पर पंद्रह मिनट बाद पुलिस तो नही आई पर आठ दस खनन माफिया वहॉ आ धमके जिनमे मुर्सलीन, आजाद, फईम अंसारी, आदि शामिल थे !

उन्होने आते ही तीनो पत्रकारो के साथ जबरदस्त मारपीट शुरू कर लाठी डंडे लेकर वो तीनो को बेरहमी से पीटने लगे तथा उनके मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिये इतने मे मुर्सलीन नाम के युवक ने अरूण कश्यप की गर्दन पर बडा सा चाकू रख दिया और बदहवासी की हालत मे उनकी वीडियो बनाई तथा उनसे एक प्लेन पेपर पर साईन करने को कहा जब साईन नही किये तो और ज्यादा पीटा गया वहा मौजूद कुछ लोगो के कहने पर जेसीबी चालक ने गड्डा भी खोद लिया तथा उसमे दफन करने की बात भी माफिया आपस में करने लगे बाद मे काफी उन लोगों ने जान से मारने की धमकी देकर यह कहते हुऐ छोड़ दिया कि अगर इस घटना के बारे मे पुलिस को बताया तो तुम तीनो को जान से मार देंगे परंतु उनकी बाद को दरकिनार करते हुऐ बाहर निकलकर तुरंत डीएम दीपक रावत, और एसएसपी क्रष्णकुमार वीके सहित एसपी क्राईम प्रकाश आर्या को तुरंत फोन पर घटना की सूचना दी एसएसपी तथा डीएम साहब के निर्देशानुसार तीनो ने अपना मेडिकल जिला अस्पताल जिसके लिए मीमो भी नगर कोतवाल चंद्रभान सिंह ने दिया उसके बाद तीनो का मेडिकल भी सरकारी डाक्टर व्दारा किया जिसमे मारपीट भी साबित हुई. 

उसके बाद अगले दिन तीनो पत्रकार डीएम से लेकर कप्तान तक अपनी गुहार लगा चुके हैं पथरी थाना प्रभारी गजेंद्र बहुगुणा शायद कप्तान या पूरे सिस्टम से बडे हो गये है जो उन्होने अपने कप्तान का आदेश भी नही माना और खनन माफियाओ के इतने मुरीद हो गये कि उनके कहने पर तुरंत पत्रकारो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया पथरी एसओ का ऐसा व्यवहार उनके और खनन माफियाओ के मजबूत रिश्तो को दर्शाता है पर