कानपुर में हिंदुस्तान के पत्रकार की गोली मारकर हत्या !

01-12-2017 9:03:59 पब्लिश - एडमिन


हिंदुस्तान के बिल्हौर तहसील संवाददाता नवीन को अज्ञात बदमासो ने मारी गोलियां। अस्पताल ले जाते समय हुई नवीन की मौत। बाइक सवार बदमाशो ने मारी गोलियां। हत्यारे फरार। बिल्हौर कोतवाली के नगर पालिका के पास की घटना। 
उत्तर प्रदेश के कानपुर से सटे बिल्हौर में हिन्दी दैनिक के युवा पत्रकार की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जय प्रकाश ने बताया कि पत्रकार नवीन गुप्ता जब सार्वजनिक शौचालय से बाहर निकल रहा था, तभी उस पर बदमाशो ने गोलियों से हमला कर दिया  अस्पताल ले जाते वक्त नवीन ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया

ये खबर फैलते ही बिल्होर जिले के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गये। घटनास्थल पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी बुला लिया गया। 

प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने लखनऊ में बताया कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुःख व्यक्त किया है और पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को निर्देश दिये है कि वह इस मामले की जांच जल्द से जल्द कराए और अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे डाले 

अवस्थी ने बताया कि कानपुर के  डीएम और एसएसपी को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिये गये थे।

पुलिस अधिकारियों को अभी इस हत्या के पीछे के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन यह कोई पुरानी दुश्मनी का मामला लगता है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परिवार द्वारा लिखित शिकायत देने पर मामला दर्ज किया जायेगा। इस बीच पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

स्थानीय पत्रकारों और पत्रकार संगठनों ने इस हत्याकांड के बाद तुरंत एक बैठक बुलाई और पत्रकार की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। कानपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने इस घटना की निंदा करते हुये कहा कि पत्रकार के हत्यारों को अगर 24 घंटे के अंदर नही गिरफ्तार किया गया तो कानपुर के सभी पत्रकार आंदोलन करेंगे। वही पत्रकारों की तरफ से शाम 4 बजे कानपुर के गीता नगर कार्यालय में शोक व्यक्त किया जाएगा  उन्होंने पत्रकार के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की।
आपको बता दे कि जून 2015 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक पत्रकार जोगेंद्र सिंह की हत्या जलाकर कर दी गयी थी। जोगेंद्र सिंह यूपी में खनन माफिया के घोटालों को उजागर करने में लगे हुए थे। आपको बता दे कि अक्टूबर 2015 में भी उत्तरप्रदेश के चंदौली जिले में 45 साल के पत्रकार हेमंत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वर्ष 2015 के अगस्त में ही बरेली में अंशकालिक संवाददाता के रूप में हिन्दी दैनिक में काम करने वाले संजय पाठक की हत्या भी उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार कर दी गयी थी। उत्तरप्रदेश में ये पहला मामला नही है इससे पहले भी इतनी हत्याएं हो चुकी है उसके बाद प्रशासन अपनी आंखें मूंदे बैठा है आक्रोश4मीडिया व उसकी पूरी टीम इस हत्या की कड़ी निंदा करती है और यूपी के मुखिया आदित्यनाथ योगी से अपील करती है कि अगर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को ऐसे ही बदमाश अपनी गोलियों का निशाना बनाते रहेंगे तो कैसे जी सकेगा आम आदमी

 Aakrosh4media संपादक संजय कश्यप की कलम से ये रिपोर्ट