पत्रकार हितों को समर्पित पत्रकार प्रेस परिषद,उत्पीड़न के खिलाफ उठने वाली सबसे सशक्त आवाज, न्याय दिलाने में अग्रणीय

07-01-2018 11:53:25 पब्लिश - एडमिन



वाराणसी। पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने में सर्वाधिक सफल अग्रणीय पत्रकार संगठन ‘‘पत्रकार प्रेस परिषद’’ पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के मामलों में 90 फीसदी कामयाब रहा है। दिल्ली से संचालित प्रेस परिषद का कार्य क्षेत्र अखिल भारतीय स्तर पर है। पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में सक्रियता और समर्पणभावसे संघर्ष करने के कारण पत्रकार प्रैस परिषद पत्रकारों को मसीहा बन चुका है। यह संगठन पत्रकारों को यथोचित सम्मान एवं न्याय दिलाने के पथ पर पिछले तीन वर्षों से निरन्तर अग्रसर है। परिषद का एकमात्र उददेश्य देश के किसी भी कोने में किसी भी भाषाई पत्रकार के साथ हो रहे अन्याय और उत्पीड़न को खत्म कराना है। परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि परिषद पत्रकार हितों के प्रति सदैव सजग है और भविष्य में पत्रकार उत्पीड़न के मामलों के निवारण को इसी तरह प्रयत्नशील रहेगा।
देश में यूं तो दर्जनों प्रैस/पत्रकार संगठन और संस्थाएं काम कर रही हैं जो पत्रकार हितों की रक्षा को संकल्पबद्ध होने का दम भरते हैं लेकिन पीड़ित पत्रकारों के मामलों में पत्रकार प्रैस परिषद की सफलता का ग्राफ अन्य संगठनों की अपेक्षा कहीं अधिक बेहतर है। अकेले यूपी में वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान तक पत्रकार उत्पीड़न के 967 मामलों में से 698 मामलों में पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाया गया है जो प्रैस परिषद की स्वर्णिम उपलब्धि कहा जायेगा। यूपी की तरह बिहार में पत्रकार उत्पीड़न के 367 केस सामने आये जिनमें से 278 पत्रकारों को न्याय दिलाया गया। प्रैस परिषद के अनुसार संगठन यूपी, बिहार के साथ साथ राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़, असम और झारखंड व दिल्ली सहित देश के 26 प्रदेशों में सुचारू रूप से कार्यरत है। पत्रकार प्रेस परिषद के सामने देश के किसी भी प्रदेश से पत्रकार उत्पीडन का मामला आया तो परिषद ने तत्काल कदम उठाते हुए न्याय की प्रक्रिया शुरू की। परिषद का कहना है कि विषम परिस्थितियों में मिशन पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के साथ किसी ेस्तर पर अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। परिषद ने पत्रकारों के सम्मान व हितों की सुरक्षा का बीड़ा उठा रखा है। परिषद का एकमात्र उद्देश्य भ्रष्टाचार में संलिप्त व्यवस्था को बेनकाब करना है। प्रेस परिषद तमाम पत्रकारों को एकजुट करना चाहती है कि भ्रष्टाचारियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। परिषद का दावा है कि संगठन का हर एक सदस्य अंगद की तरह है जो निर्भीक पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के साथ खड़ा ह जो उत्पीड़ित पत्रकार के साथ न्याय मिलने तक जमा रहेगा ताकि उसकी राह में आ रहे व्यवधानों को दूर किया जा सके। परिषद निस्वार्थ भाव से पत्रकार हितों के प्रति संघर्षरत है।
परिषद के कार्यों में सदैव अग्रणीय रहने वाले ऋषभ मिश्रा आजाद, पूर्वांचल प्रभारी डीके मिश्रा, वाराणसी/विंध्यांचल मंडल प्रभारी रविशंकर मिश्रा और वाराणसी जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार उपाध्याय, जौनपुर के पत्रकार अमित पाण्डेय, अजय सिंह परिषद के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जुझारूपन के साथ कार्यरत है। इन सभी जुझारू पत्रकारों ने जेब से पैसा खर्च कर इस संगठन को बनाया और खड़ा किया। पत्रकार हितों के प्रति सजगता और उत्पीड़न के मामलों को प्रमुखता से उठाने के कारण इस संगठन का डंका पूरे देश में बज रहा है। परिषद के संज्ञान में जैसे ही पत्रकार उत्पीड़न का मामला आता है वैसे ही पदाधिकारी सक्रिय हो जाते हैं और न्याय मिलने तक संघर्षरत रहते हैं। बकौल वीरेन्द्र कुमार मिश्रा संगठन के जुझारूपन से अधिकारी भी पनाह मांगने लगे है।
श्री मिश्रा के अनुसार परिषद से जुड़े पत्रकारों में जांबाज कलमकारों की फौज है जो निर्भीक पत्रकारिता के नये आयाम स्थापित करने के साथ साथ पत्रकारों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड रहे है।


 

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