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समाचार पत्रों की फिर से होगी जांच

12-01-2019 17:30:44 पब्लिश - एडमिन



पत्रकारों और समाचारपत्र कर्मियों के लिये गठित जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी  अमल में नहीं लाया जासका है। महाराष्टÑ के कामगार आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित त्रिपक्षीय समिति की बैठक में इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुये कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को अमल में लाया गया या नहीं इसकी जांच के लिये १५ दिनों के अंदर  ६ पथक बनाया जाए। साथ ही यह पथक सभी वर्तमान समाचार पत्रों की फिर से जांच करेंगे और फिल्ड आॅफिसर पूरी जांच रिर्पोट कामगार आयुक्त को देंगे। महाराष्टÑ में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को किसी भी समाचार पत्र प्रतिष्ठान द्वारा सही तरीके से लागू नहीं किया गया है। पत्रकारों और मीडियाकर्मियों पर विविध प्रकार के दवाब डाले जारहे हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी मीडियाकर्मी और पत्रकार जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश के अनुसार अपना बकाया वेतन और एरियर ना मांगे इसके लिये उन्हे डराया जारहा है। इस बारे में एनयूजे की महाराष्टÑ अध्यक्ष शीतल करदेकर ने कामगार आयुक्त का ध्यान दिलाया और कहा कि बार बार सर्वोच्च न्यायालय और श्रम मंत्रालय को फर्जी रिर्पोट कामगार विभाग द्वारा भेजी जारही है इसके लिये सभी वर्तमान समाचार पत्रों की फिर से और स्पष्ट जांच करायी जाए। जिसका बीयूजे के इंदर कुमार जैन ने भी समर्थन किया। इस बैठक में ध्यान दिलाया गया कि समाचार पत्र प्रतिष्ठानों द्वारा जानबुझकर अपने प्रतिष्ठानों की गलत बैलेंसिट देकर ग्रेडेशन पर मतभेद पैदा किया जारहा है। सबसे ज्यादा मतभेद समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के ग्रेडेशन को लेकर होता है। इसके लिये जरुरी है कि वर्तमान सभी समाचार पत्रों की बैलेंसिट आयकर विभाग से मंगायी जाए या दिल्ली स्थित डीएवीपी,कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय से  मंगवाया जाए। जिससे समाचार पत्रों का ग्रेडेशन तय हो। यह मुद्दा भी शीतल करदेकर ने उठाया । आठ महीने बाद मजीठिया वेतन आयोग को अमल में लाने के लिये त्रिपक्षीय समिति की बैठक महाराष्टÑ के कामगार आयुक्त के मुंबई स्थित कार्यालय मेंं बुलायी गयी थी। जिसकी अध्यक्षता खुद नये कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने किया। इस बैठक में मालिकों के प्रतिनिधि के रुप में सकाल के मेदनेकर उपस्थित थे जबकि मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के प्रतिनिधि के रुप में एनयूजे महाराष्टÑ की शीतल करदेकर, बीयूजे के मंत्रराज पांडे, इंदर जैन आदि उपस्थित थे। कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने सबसे पहले वर्तमान १२९ समाचार पत्रों की जिनके बारे में दावा किया गया है कि इन्होने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को  लागू नहीं किया है उनकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इसके लिये १५ दिनों में ६ जांच पथक भी बनाने का निर्देश दिया गया है। दो महीने में यह जांच पूरी करने का भी नये कामगार आयुक्त ने निर्देश दिया है। साथ ही कामगार आयुक्त ने कहा कि समाचार पत्र कर्मियों को डरने की कोई जरुरत नहीं है। नये कामगार आयुक्त ने यह भी कहा कि अगर किसी भी समाचार पत्र प्रबंधन ने अपने मीडियाकर्मियों से यह लिखवाकर लिया है कि उसे मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं चाहिये और अगर वह पात्र है तब भी उसे माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुसार मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ मिलेगा। 

शशिकांत सिंह , मुंबई 

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