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सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन का स्थापना दिवस 5 सितम्बर को

21-08-2019 16:21:52 पब्लिश - एडमिन


सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन का स्थापना दिवस 5 सितम्बर को

भारतवर्ष के पत्रकारों के 72 सालों से उत्पीड़न, हत्या और फर्जी मुकदमों मे फंसाकर उत्पीडन करने और आज तक पत्रकारों को संवैधानिक रुप से वंचित रखने केवल मौखिक तौर पर चौथा स्तम्भ कहकर उनका सामाजिक उपहास उडाने,इस बात लेकर लेकर वर्ष 2017, 5 सितम्बर को राष्ट्रीय महासंगठन सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन की स्थापना की गयी जनवरी 2018 मे सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन को राष्ट्रीय महासंगठन के रुप मे भारत सरकार द्वारा पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया गया लगभग दो साल से भी कम अवधि मे महासंगठन ने विस्तार की स्वर्णिम गाथा लिख डाली और भारत के लगभग 25 प्रदेशों मे शानदार रुप से विस्तार कर गया सभी प्रदेशों मे महासंगठन के जुझारू कर्मठी प्रदेशाध्यक्ष मौजूद हैं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, हिमांचल, उत्तराखंड, तमिलनाडु, उडीसा,महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, गोवा सहित 25 प्रान्तों मे विस्तारित हो गया पत्रकार हितो की रक्षा करने उन्हे संविधान मे विधिक चौथा स्तम्भ मे लिपिबद्ध करवा कर तीनो अंगों की भाँति ही सभी सुविधाएं और सुरक्षा दिलवाने के सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन का स्वर्णिम उदय हुआ महासंगठन का प्रथम स्थापना दिवस 5 सितम्बर 2018 को मनाया गया और दुसरा स्थापना दिवस आगामी 5 सितम्बर 2019 को पुरे भारतवर्ष मे महासंगठन के प्रदेश, मंडल,जिला व तहसील ईकाई स्तर पर पुरे हर्सोल्लास के साथ मनायेंगे और अपने संस्थापकों राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद सागर,राष्ट्रीय महासचिव अम्बरीष कुमार पान्डेय जी के कठिन संघर्षों की बदौलत भारत के पत्रकारों के सर्वहितों की लिए बनाये सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन की स्थापना के अभिनव रुप  से महासंगठन के रीतिनीति, सिद्धान्तों और महान उद्दश्यों पर भी प्रकाश डालेगें महासंगठन मे शामिल  पदाधिकारियों व सदस्यों के लिये स्थापना दिवस एक महापर्व होता है जिसे वे पुरे हर्सोल्लास के साथ मनायेंगे संगठन मे शामिल सदस्य व पदाधिकारी स्थापना दिवस के दिन सभी अन्य दुसरे कार्य रोक देते हैं और उस दिन स्थापना दिवस को महापर्व के रुप मे मनाते है मीटिंग करते हैं अपने संस्थापकों के सम्बंध मे गरीमामयी प्रकाश डालते हैं परिचर्चाएं करते हैं एक दुसरे को उपहार देते हैं गले मिलते हैं मिठाईयां खाते है इस तरह सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन का स्थापना दिवस मनाते हैं । गौत तलब हो कि महासंगठन के स्थापना से पुर्व महासंगठन के दोनो संस्थापकों घनश्याम प्रसाद सागर और अम्बरीष कुमार पांडेय द्वारा वर्ष 2009 से लेकर सितम्बर 2017 तक पत्रकार हितों को लेकर गहनतम् शोध किये गये शोध मे यह बात सामने आयी कि भारत मे हजारों की संख्या मे पत्रकार संगठन है और देश के लगभग 18 करोड़ों लोग पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों मे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जुडे हुए है और देश मे मौजूद हजारों संगठनों मे सदस्य बनकर शामिल है इस तरह पत्रकारों की शक्तियां बिखरी हुयी है महासंगठन ने शोध मे यह भी पाया समाचार संस्थान जिसमे प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया शामिल है पत्रकार की श्रेणी मे सम्पादक, उपसम्पादक, पत्रकार सभी शामिल है और सभी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाता है उनकी स्वतंत्र लेखनी को प्रभावित किया जाता है शोध मे महासंगठन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अगर पत्रकारिता संविधान का चौथा स्तम्भ है तो इसे संविधान के तीनो अंगों विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की तरह सुरक्षा ,सुविधाएं क्यों नहीं दी जाती इसलिए सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन ने इस बात को अपने प्रथम मांगों मे पत्रकारिता को संविधान मे विधिक रुप से लिपिबद्ध कर चौथा स्तम्भ बनाकर संविधान के तीनो अंगो की भाँति सभी सुविधाएं त्वरित देने की मांग के लिए संघर्ष करेगा भारत मे पत्रकारिता मंत्रालय की बनाया जाय जो पत्रकारों के हित सम्वर्द्धन के लिये काम करे हर जिला व मंडल स्तर पर मीडिया स्कूलों की स्थापना की जाये जहा पत्रकारों के पाल्यों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाये सभी सरकारी व गैरसरकारी अस्पतालों मे फ्री उपचार की सुविधाएं दी जाये सरकारी बसों,अनूवंधित बसों, और रेल किराये मे शत प्रतिशत की छूट दी जाये पत्रकारों को सताने वालों,धमकाने वालों पर कठोर कानून बनाकर दंडित किया जाय साथ सरकारी कर्मचारियों के लिये आईपीसी की उन धाराओं को पत्रकारों पर लागू न किया जाय जिसे वे सरकारी काम मे बांधा पहुचाने का मुकदमा कराते है क्योंकि भ्रष्ट और कदाचार मे लिप्त सरकारी कर्मचारी पत्रकारों को इस कानून का सहारा लेकर या तो सत्य पत्रकारिता से बच निकलते हैं या तो पत्रकार को ही फंसा देते है इस तरह की तमाम मांगे सर्वहितकारी पत्रकार महासंगठन ने अपने एजेंडे मे शामिल किया है महासंगठन पत्रकार हितों की रक्षा के साथ साथ राष्ट्र की उन्नति प्रगति मे भी अहम भूमिका निभायेगा सामाजिक क्षेत्रों मे अहम योगदान देकर समाज को उज्जवल दिशा देने का काम करेगा संगठन का विस्तार इतिहासकारी है इसलिए शीघ्रातिशीघ्र आईएसओ प्रमाण पत्र के लिए भी पहल करेगा |

घनश्याम प्रसाद सागर 


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