पत्रकार जब कोई ख़बर दिखाता है तो भी कुछ लोग गालियाँ देते है जब कुछ नहि दिखाता तो भी लोग गालियाँ देते है मगर पत्रकार ओर पत्रकारिता को कभी कोई फ़र्क़ नहि पड़ता की कौन साथ हैं ओर कौन साथ नहि है पत्रकार अपनी स्टोरी पर ध्यान देता हैं …

29-10-2017 20:36:26 पब्लिश - एडमिन


नवीन द्विवेदी 

एक रोज हमारे ऑफ़िस में सूत्र द्वारा कुछ पेनड्राइव आइ उस पेन ड्राइव को जब अपने कम्प्यूटर में लगाया तो आँखें फटी रह गयी क्योंकि पेनड्राइव में कुछ अश्लील विडियो क्लिप थी जब शिप्रा दर्पण की टीम ने थोड़ा पड़ताल किया तो पता चला यह दिल्ली के एम॰सी॰डी॰ स्कूल के कुछ शिक्षक की अश्लील विडियो है मन में थोड़ी ओर उत्सुकता हुई ओर खोजी पत्रकारिता के दिमाग़ से जाँच की तो पाया यह जिस एम॰सी॰डी॰ स्कूल की विडियो है उसमें एक शिक्षक कम निरीक्षक अपने ही सहयोगी शिक्षक से अश्लील विडियो बना रहा है हलाकि उस विडियो में कही भी ज़बरदस्ती से यह विडियो नहि बल्कि स्वेच्छा से यह ख़ुद के द्वारा बनाया गया यह विडियो था परंतु यह स्पष्ट नहि की जहाँ वो विडियो बनाया जा रहा वो जगह कौन सी हैं ..

जब हमारी टीम स्कूल पहुँची तो पता चला की किसी मामले को लेकर उस स्कूल के सभी स्टाफ़ का ट्रांसफ़र अलग अलग जगह हो गया है तब हमने स्कूल के नए स्टाफ़ से बात करना उचित नहि समझा बल्कि स्कूल ख़त्म होने का इंतज़ार किया जब स्कूल ख़त्म हुआ तो बच्चों से पूछा इन अध्यापक को जानते हो क्या तो बच्चे ने केमरे के सामने डरते हुए बोला की हाँ बहुत गंदे सर है जब भी हमारा पीरियड का समय होता ओर जब हम इन सर या मेडम को बुलाने जाते इनके कमरे में तो हमको मार पड़ती थी क्योंकि हम बिना पूछे उनके शिक्षक रूम में चले जाते थे एक बच्चे ने यहाँ तक बताया कि मेडम ओर सर बहुत समय तक ….(शेष स्टोरी अगले भाग में )

जब यह बात शिप्रा दर्पण अख़बार को पता चली ओर जब तथ्यों की स्वयं जाँच की तो पता चला तो हमने इस गंदगी को समाज के सामने लाने का फ़ेसला किया ओर अपनी तय सीमाओं में एक मिनित कुछ सेकेंड का प्रोमो बनाया जिसमें सभी का चेहरा धुँधला कर दिया क्योंकि हम अपनी सीमाओं से भली भाँति परिचित हैं ..

जहाँ शिक्षक अपने सहयोगी अध्यापिकाओं के साथ मिलकर इस तरह की अश्लील वीडियोस बनाते हो ऐसे शिक्षकों के हाथ मे बच्चो का भविष्य कैसे सुरक्षित हो सकता है बताइये
क्या ऐसे अध्यापको का बेनकाब होना ज़रूरी नही है ??

उसके बाद शिप्रा दर्पण को धमकीया आना शुरू हो कुछ स्वयं भू शिक्षको के यूनियन से जुड़े लोगो के धमकी भरे संदेश आना शुरू हो गये की शिप्रा दर्पण अगर यह ख़बर पोस्ट करेगा तो उस पर 50लाख का आपराधिक मान हानि का केस डाला जाएगा व शिप्रा दर्पण के सम्पादक को अंग्रेज़ी में धमकी भी लिखित रूप से दे दी गयी your countdown starts now हलाकि हम पत्रकार बाहुबलि तो है नहि इसलिए हमने भी एक शिकायत पत्र थाने में दे दिया …(शेष ख़बर अगले भाग में )

अगर एक अखबार ऐसे लोगो को बेनकाब करने की कोशिश करे तो शिक्षक यूनियन ऐसे अश्लील अध्यापको के समर्थन में आकर पत्रकार को धमकी दे तो इसका क्या अभिप्राय समझा जाये आप लोग स्वयम ही सोचिये और बताइये पत्रकार को क्या करना चाहिए ….???