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स्वंयभू देशभक्त चैनलों को सबक-झूठा निकला पाक जिंदाबाद के नारे का वीडियो

19-03-2018 14:37:39 पब्लिश - एडमिन


अररिया (बिहार)। लोकसभा उपचुनाव में बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय के राजद कीजीत पर अररिया के आईएसआई के गढ़ बनने सम्बन्धी बयान पर हंगामा हो गया। सोशल मीडिया में यही खबर छापी छाई रही। मगर जब चुनाव का रिजल्ट आया तो तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए राजद के प्रत्याशी सरफराज आलम जीत गये। सरफराज की जीत से लगभग स्पष्ट हो गया था कि अररिया की जनता ने साम्प्रदायिक धुव्रीकरण की राजनीति को नकार दिया है लेकिन मामला यहीनहीं थमा बल्कि पार्टी की पराजय के बाद नित्यानंद और बात बात पर मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की चेतावनी देने वाले गिरिराज सिंह ने बयानबाजी का सिलसिला जारी रखा। इसी बीच एक वीडियो वायरल हुआ कि सरफराज आलम के विजय जुलूस में ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ के नारे लगे। पुलिस ने मामले की संवदेनशीलता देखते हुए दो लोगों को नामजद करते हुए अरैस्ट किया। 
यह प्रकरण कुछ स्वयंभू देशभक्त न्यूज चैनलों के लिए बहस का बड़ा मुददा बन गया। देश के नम्बर वन कहे जाने वाले चैनल ‘‘आजतक’’ के संवाददाता तो चार कदम आगे निकल गये। उन्होंने फोेरेसिंक रिपोर्ट आने से पहले ही वीडियों को असली ठहरा दिया। यह और बात है कि फोरेसिंक जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने वीडियों को नकली बताकर बहस पर विराम लगा दिया। बता दें कि वायरल वीडियो में सरफराज के विजयी जुलूस में शामिल लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद और भारत तोड़ों के नारे लगाते दर्शाया गया था। इस मुददे पर मशहूर एंकर श्वेता सिंह ने दुखद अन्दाज में कहा कि-राजनीतिक विरोध का यह कैसा नशा है कि जिसमें देश विरोध की सीमा लांघ दी जाती है। सिलसिला और आगे बढ़ा। इंडिया टुडे पर आये दिन पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करने वाले एक एंकर ने भी जोशीले अन्दाज में फोरेसिंक जांच की रिपार्ट का इन्तजार किये बिना अपराधियों को फौरन सजा देने का आह्नान किया।
ब्हरहाल जब सत्ता प्राप्ति ही राजनीतिक सिद्धान्त बन जाती है जो जीत के लिए प्रपंचों की रचना करना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन पराजय के कारणों की समीक्षा के बगैर विजयी पर ओछे प्रहार करना दुर्भाग्यजनक है और मीडिया का किसी मामले की जांच रिपोर्ट या कोर्ट निर्णय से पूर्व जज बन जाना तो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर अफसोस सब कुछ चल रहा है। यह परिपाटी राजनीति और मीडिया दोनों के लिए भविष्य में उनकी विश्वसनीयता को खत्म करे न करे लेकिन कम जरूर कर देगी।


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