......तो अब पत्रकारों के कपड़े उतरवाएंगी बीजेपी सरकार?

21-11-2017 15:18:37 पब्लिश - एडमिन


  • *सीएम के कार्यक्रम में पत्रकार के कपड़े उतरवाने पर आमादा

  • *हंगामे के बाद हुई कार्यक्रम में पत्रकार की एंट्री

  • *फजीहत होने पर बैकफुट पर आई यूपी पुलिस

देश में लगातार उठे रहे विरोध स्वर से शायद बीजेपी बौखलाहट में है। खासकर अपराध को दरकिनार कर अपराधियों का सफाया करने वाली योगी सरकार में अपराध ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है, जिसकी बानगी नोएडा में देखने को मिली.. जहां दिन-दहाड़े सड़क पर मौत का नंगा नांच किया गया और बीजेपी के ही नेता समेत 4 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। शायद इसी बौखलाहट में योगी सरकार अब पत्रकारों के कपड़े उतरवाने पर आमादा हो गई है। इसका जीता-जागता उदाहण मुजफ्फरनगर में देखने को मिला।

हुआ यूं कि यूपी के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम लगा था। मुख्यमंत्री बनने के बाद जिले में योगी आदित्यनाथ का ये पहला कार्यक्रम था। कार्यक्रम की कवरेज के लिए समाचार टुडे के वरिष्ठ संवाददाता मनीष वर्मा और विकास सैनी जीआईसी मैदान पहुंचे, लेकिन मनीष वर्मा को सीएम की सुरक्षा में लगी पुलिस ने मुख्य गेट पर ही रोक लिया। रोकने का कारण पूछने पर बड़ा ही अजीब-ओ-गरीब जवाब मिला। सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों का कहना था कि आपने काली जैकेट पहनी हुई है। इसे पहनकर आप कवरेज करने के लिए अंदर दाखिल नहीं हो सकते। आपको जैकेट उतारकर अंदर जाना होगा। 

ये सुनकर संवाददाता मनीष कुमार वर्मा हैरत में पड़ गए कि आखिर ये हो क्या रहा है? बीजेपी क्या अब लोकतंत्र के चौथे स्तंथ के इस तरह से सरेआम कपड़े उतरवाएंगी? पत्रकारों की हत्या और उन पर हो रहे हमलों से क्या अभी बीजेपी का पेट नहीं भरा है क्या? समाचार टुडे के इस संवाददाता मनीष कुमार वर्मा ने भी पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि क्या ये आदेश सीएम द्वारा दिया गया है या फिर पार्टी हाई कमान ने या फिर ये आपकी अपनी व्यवस्था है? इस पर पुलिस अधिकारियों ने जो दूसरा जवाब दिया... वो तो वाकई में हैरत कर देने वाला था। पुलिस अधिकारियों ने काली जैकेट उतारने के पीछे तर्क दिया कि काले कपड़े से लोग विरोध करते हैं और हमें आशंका है कि पत्रकार भी सीएम को काला पकड़ा दिखाकर विरोध कर सकते हैं! आप भी अपनी इस काली जैकेट को विरोध के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पर पत्रकार मनीष कुमार वर्मा ने बड़े ही सहजता से पुलिस अधिकारियों से कहा कि हमारे पास इतना वक्त नहीं है कि हम अपने कपड़े उतारकर सीएम को दिखाएंगे और कहेंगे कि हम विरोध कर रहे हैं। रैली कवर करने आए हैं... अगर आप अंदर जाने देते हैं तो ठीक है, वरना हम वापस जा रहे हैं... कपड़े तो हम बिल्कुल नहीं उतारेंगे। 

हालांकि हंगामे की स्थिति पैदा होने पर अपनी फजीहत होते देख पुलिस अधिकारियों ने संवाददाता मनीष कुमार वर्मा को अंदर जाने दिया। लेकिन ऐसे में सवाल ये है कि क्या वाकई में बीजेपी अब खुद को असहज़ महसूस कर रही है।