पुलिस से टकराना भारी पड़ा बाबी कटारिया को

01-01-2018 10:10:28 पब्लिश - एडमिन


कई मामलों को लेकर सदैव पुलिस के खिलाफ और पीड़ित के साथ खड़े रहने वाले बाबी कटारिया की गिरफतारी को लेकर उनके फोलाअर्स में नाराजगी है। अलग अलग लोगों ने अपने अपने शब्दों में प्रतिक्रिया दी। दूसरी ओर उनकी मांग ने मीडिया समूहों से बाबी को बचाने की गुहार लगाते हुए कहा कि पुलिस बाबी के साथ मारपीट कर रही है। मार मार कर उसका बुरा हाल कर दिया है। अगर बाबी को न बचाया गया तो पुलिस उसे मार डालेगी। 
एकता जिन्दाबाद फाउंडेशन चलाने वाले बाबी कटारिया को फरीदाबाद पुलिस ने गिरफतार किया है। बाबी रिमांड पर है। बताया जाता है कि पुलिस उसके साथ थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर रही है। बाबी के समर्थक खासे दुखी है। बाबी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है और आमतौर पर पुलिस के खिलाफ कुछ न कुछ पोस्ट करते रहते हैं। बाबी को पुलिस का विरोधी और आम आदमी समर्थक माना जाता है। कई वीडियोज में बाबी को पुलिस से उलझता भी दिखाया गया है। बाबी के वीडियोज फेसबुक, व्हाटसअप, यू ट्यूब और ट्विटर पर खूब वायरल होते थे। कुछ वीडियो में बाबी को पुलिस अधिकारियों के प्रति गाली देते भी दिखाया गया है। खुद को शहीदे आजम भगत सिंह का अनुयायी बताने वाले बाबी कटारिया के बारे में लोगों का कहना है कि बाबी के कारनामों से पुलिस महकमे में उसका खौफ व्याप्त हो गया था। पुलिस का भी कहना है कि समाज में भले-बुरे हर किस्म के लोग होते हैं लेकिन बाबी कटारिया पूरे महकमे को ही नहीं बल्कि पुलिस अधिकारियों के परिजनों के बारे में भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करता था जिससे कई पुलिस अधिकारों के परिवार काफी परेशान थे। जनचर्चा पर भरोसा करे तो बाबी का उत्पीड़न किया जा रहा है।
बबी ने अपने हजारों समर्थकों से सोशल मीडिया पर जमानत के लिए अपने प्रशंसकों से अपील की थी लेकिन हैरत की बात है कि इतने सारे प्रशंसकों में से कोई भी बाबी की जमानत को अदालत नहीं पहुंचा। 
बबी की गिरफतारी पर उसके एक समर्थक का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कहा गया है कि पुलिस बाबी के साथ बहुत बुरा सलूक कर रही है। इस प्रशंसक ने कहा कि पुलिस बाबी को रिमांड पर रखकर उसे सबक सिखाना चाहती है। वीडियों में बाबी के इस फालोअर्स को रोते हुए दिखाया गया है।
बबी को लेकर फेसबुक पर उसके प्रशंसक अलग अलग शब्दों में अपनी अपनी भावनाएं प्रकट कर रहे हैं। मुकुल गुप्ता नामक ने लिखा-‘बाबी के वीडियो हमने देखे हैं। वह पुलिस अधिकारियों के प्रति जिस भाषा का इस्तेमाल करता है वह उचित नहीं लेकिन बाबी जिस तरह लोगों की सहायात करता है वह प्रशंसनीय है। मुकुल ने लिखा है कि उन्हें नहीं पता कि बाबी को किस जुर्म में गिरफतार किया गया लेकिन उसके साथ जो कुछ होने की खबर है उसकी जांच होनी चाहिए। मुकुल कबूल करते हैं कि पुलिस अधिकारियों के प्रति बाबी की भाषा सही नहीं लेकिन पुलिस सहित किसी भी विभाग में शत प्रतिशत इमानदार लोग नजर नहीं आते। अभि जाट लिखते हैं कि आखिरकार पुलिस ने बाबी कटारिया को फंसा ही दिया। अभि मानते हैं कि बाबी ने पुलिस महकमे को काफी परेशान कर रहा था। उससे पुलिस के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के लोग भी काफी परेशान थे। अभि लिखते हैं कि-‘शासन-प्रशासन के गलत कामो का विरोध मत करो। करोगे तो फंस जाओगे।
ठस बीच बाबी कटारिया की मां ने मीडिया समूहो से बड़े ही मार्मिक शब्दों में अपील करते हुए लिखा है-‘ प्लीज मेरी मदद करे। पुलिस ने बाबी को बहुत मारा है। उन्होंने लिखा है कि उनका पुत्र शेर था लेकिन अब कुछ भी नहीं है। बाबी की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना किसी रिपोर्ट के उसे उठाकर ले गयी। एफआईआर बाद में दर्ज की गयी। सब जानते हैं कि बाबी लोगों की मदद करता था। बाबी की मां ने अपील की कि कृपा करे सहायता कीजिये वर्ना एक और भगत सिंह मर जायेगा। बाबी की मां ने आरोप लगाया कि हर थाने की पुलिस बाबी को बुला बुला कर मार रही है। बाबी को जिस तरह मारा पीटा जा रहा है उसके सामने थर्ड डिग्री भी कुछ नहीं है।
 

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