* आक्रोष4मीडिया भारत का नंबर 1 पोर्टल हैं जो की पत्रकारों व मीडिया जगत से सम्बंधित खबरें छापता है ! आक्रोष4मीडिया को सभी पत्रकार भाइयों की राय और सुझाव की जरूरत है ,सभी पत्रकार भाई शिकायत, अपनी राय ,सुझाव मीडिया जगत से जुड़ी सभी खबरें aakrosh4media@gmail.com व वव्हाट्सएप्प पर भेजें 9897606998... |संपर्क करें 9411111862 .खबरों के लिए हमारे फेसबुक आई.डी https://www.facebook.com/aakroshformedia/ पर ज़रूर देखें *

सेंसर बोर्ड व अध्यक्ष प्रसून पर बरसे वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम

17-01-2018 20:27:30 पब्लिश - एडमिन


राजस्थान के राजपूत समाज के गौरवमयी इतिहास की प्रतीक महारानी ‘‘पदमावती’’ पर बनी संजय लीला भंसाली की चर्चित किन्तु विवादित फिल्म को लेकर अलग अलग राज्यों में लग रहे प्रतिबन्ध से आहत वरिष्ठ पत्रकार अजीत अन्जुम ने सेंसर बोर्ड की अहमियत पर कटु व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर सेंसर बोर्ड की यही औकात रह गयी है कि उसकी अनुमति के बावजूद राज्यों में फिल्म का प्रसारण प्रतिबन्धित होता रहे तो बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी को इस्तीफा दे देना चाहिए। अंजुम ने बोर्ड की लाचारी को निशाना बनाते हुए कहा कि अगर आपत्तियों के मददे नजर फिल्म में बदलाव करने के बावजूद बोर्ड फिल्म का प्रदर्शन करने में नाकाम साबित हो रहा है तो फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने अपने राज्यों में पृथक फिल्म सेंसर बोर्ड गठित करने का अधिकार दे देना चाहिए। गौरतलब है कि कई संगठनों की आपत्तियों के बाद ‘पदमावती’ से अंग्रेजी का ‘आई’ शब्द हटाकर ‘‘पदमावत’’ के नाम से प्रदर्शित करने की अनुमति दी जा चुकी है। इसके बाद भी हरियाणा में सरकार ने फिल्म का प्रदर्शन रोक दिया।सीनियर जर्नलिस्ट अजीत अन्जुम ने राज्यों के इस रवैये से खासे खफा होकर सेंसर बोर्ड और इसके अध्यक्ष प्रसून जोशी पर तल्ख टिप्पणी की है।

गौरतलब है कि सिने जगत के सफलतम फिल्मकार माने जानेवाले संजय लीला भंसाली की राजस्थान के राजपूत इतिहास की रानी पदामवती के ऐतिहासिक जौहर की घटना से प्रेरित फिल्म ‘पदमावती’ के कुुछ अंशों को लेकर राजस्थान की करणी सेना सहित अनेक संगठनों के प्रबल विरोध के चलते देश के अलग अलग राज्यों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। फिल्म पर पहले राजस्थान में उसके बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में रोक लगायी गयी। अब हरियाणा सरकार ने भी फिल्म को प्रतिबन्ध्ति कर दिया है। हालांकि फिल्म के प्रमाणीकरण को प्रक्रिया पूरी हो गयी है। फिल्ममेकरों ने बोर्ड के सलाहकार पैनल के सुझावों के बाद फिल्म में बदलाव करके रि-प्रिंट कर दिया है। सलाहकार पैनल के पांच सुझावों के बाद फिल्म का अन्तिम प्रिंट सेंसर बोर्ड को सौंपा गया। सुझावों के बाद ‘पदमावती’ से आई हटाने और कुछ अन्य बदलाव के बाद फिल्म को न्/ । सार्टिफिकेट प्रदान कर प्रदर्शन की इजाजत मिल गयी, बावजूद इसके ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए जिससे फिल्म का प्रदर्शित किया जा सके। 

वरिष्ठ पत्रकार अजीत अन्जुम ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा कि सवाल महज एक फिल्म के प्रदर्शन का नहीं बल्कि महत्वपूर्ण सवाल यह है कि एक संस्था को दो कौड़ी का बनाकर रख दिया गया।’ अजीत और ज्यादा कड़े तेवर अपनाते हुए आगे लिखते हैं-‘बोर्ड चेयरमैन प्रसून जोशी को इस्तीफा देकर घर बैठ जाना चाहिए। नाक कटवाकर क्यों चेयरमैन बने बैठे हैं?’ सीनियर जर्नलिस्ट अजीत अन्जुम लिखते हैं कि जब सांसदों और सरकार ने फिल्म देख ली, नाम बदलकर सेंसर बोर्ड ने सार्टिफिकेट दे दिया तो अब राज्य सरकारों ने बैन करना शुरू कर दिया है। संस्था को मरता हुआ देखना हो संेसर बोर्ड को देखिये। क्या तमाशा है?’

उल्लेखनीय है कि पहले यह फिल्म पहली दिसम्बर को प्रदर्शित होने वाली थी लेकिन चौतरफा विरोध को देखते हुए प्रदर्शन टाल दिया गया। अब यह फिल्म गणतंत्र दिवस के एक दिन पूर्व यानि 25 जनवरी को रिलीज होगी। दूसरी ओर करणी सेना अभी भी फिल्म को देश भर में प्रतिबन्धित करने की मांग पर अड़ी हुई है। आरोप है कि फिल्म ‘पदमावत’ में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गयी है जिससे राजपूत राजा रतन सिंह और रानी पदमावती के सम्मान पर आंच आई है।


आक्रोष4मीडिया भारत का नंबर 1 पोर्टल हैं जो की पत्रकारों व मीडिया जगत से सम्बंधित खबरें छापता है ! आक्रोष4मीडिया को सभी पत्रकार भाइयों की राय और सुझाव की जरूरत है ,सभी पत्रकार भाई शिकायत, अपनी राय ,सुझाव मीडिया जगत से जुड़ी सभी खबरें aakrosh4media@gmail.com व वव्हाट्सएप्प पर भेजें 9897606998... |संपर्क करें 9411111862 .खबरों के लिए हमारे फेसबुक आई.डी https://www.facebook.com/aakroshformedia/ पर ज़रूर देखें  

अपनी राय नीचे दिये हुए कमेंट बॉक्स में लिखें !