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जीआरपी एसओ की गुंडागर्दी, न्यूज़ 24 के पत्रकार को जमकर पीटा

14-06-2019 3:10:26 पब्लिश - एडमिन

  • जीआरपी एसओ की गुंडागर्दी, न्यूज़ 24 के पत्रकार को जमकर पीटा

यूपी में योगी सरकार क्या आई समझो पत्रकारों की जान आफत में आ गई कभी तो ये सरकार प्रशांत कन्नोजिया जैसे पत्रकार को उठाकर जेल में डाल देती है तो कभी यूपी में चैनल हेड को उठाकर हवालात का रास्ता दिखा देती है ऐसा ही एक वाक्या यूपी शामली...

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लाखो रुपए का फर्जीवाड़ा करने वाला पूर्व पत्रकार गिरफ्तार

12-06-2019 12:43:31 पब्लिश - एडमिन

  • लाखो रुपए का फर्जीवाड़ा करने वाला पूर्व पत्रकार गिरफ्तार

दूरदर्शन के आँखों देखी न्यूज़ चैनल में काम कर चुके पत्रकार व् कुछ वर्षो बन्द हुए साप्ताहिक समाचार पत्र जागता चौकीदार के पूर्व सम्पादक अजित दुबे को आखिरकार हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल ही दिया आपको बता दे &n...

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भारत सरकार ने जारी किया मनिसाना वेजबोर्ड की नई अधिसूचना

08-06-2019 14:08:37 पब्लिश - एडमिन

भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने प्रिंट मीडिया के पत्रकारों, गैर पत्रकारों तथा फेक्ट्री स्टॉफ के लिए मनिसाना वेज बोर्ड की नई संशोधित अधिसूचना 19 मई 2019 को जारी की है  । सबको बधाई सरकार ने मनिसाना की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यह उन लोगों के लिए है जिनके क्लेम पर मैनेजमेंट मनिसाना वेजबोर्ड  की सिफारिश खारिज होने का बहाना कर रही है।ये मनिसाना वेजबोर्ड की सिफारिश उन लोगो की भी मदद करेगा जो न्यूज़ एजेंसियों में काम करते हैं।फिलहाल मनिसाना वेज बोर्ड की सिफारिश का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो वर्ष 2000 से  10 नवंबर 2011 तक समाचार पत्रों या न्यूज़ एजेंसी में कार्यरत थे।उसके बाद 11 नवंबर 2011 से जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कर दी गयी थी।मनिसाना वेज बोर्ड में उन लोगो को भी शामिल किया गया है जो जिला  संवाददाता या  अंशकालिक संवाददाता या फोटोग्राफर हैं।   पढ़िए मनिसाना वेज बोर्ड की नई संशोधित अधिसूचना जो हिंदी में है।      शशिकान्त सिंह पत्रकार और मजीठिया क्रांतिकारी 9322411335 ...

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रिटायर होने से एक दिन पहले IPS अधिकारी हुआ बर्खास्त

08-06-2019 13:12:11 पब्लिश - एडमिन

बिल्कीस बानो सामूहिक दुष्कर्म कांड में चार पुलिसकर्मी व दो डाक्टरों पर भी गिरी गाज… कहते हैं न्याय में विलम्ब अन्याय है, फिर भी देर से ही सही, 19 साल की बिल्कीस याकूब रसूल के साथ सामूहिक दुष्कर्म और 14 लोगों की हत्या के मामले में न्याय होता दिख रहा है। पहले उच्चतम न्यायालय ने बिल्कीस बानो को 50 लाख रुपए का हर्जाना और उन्हें नियमों के मुताबिक नौकरी और रहने की सुविधा देने का निर्देश गुजरात सरकार को दिया था। साथ ही 29 मार्च को बिल्कीस बानो मामले में गलत जांच करने वाले 6 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुये कहा था कि उन्हें सेवा में नहीं रखा जा सकता। नितीश कुमार ने जड़ा पत्रकार को थप्पड़ जाने क्या हैं मामला... इसके फालोअप एक्शन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2002 के बिल्कीस बानो मामले में दोषी करार दिए गए गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी आर एस भगोरा को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख से एक दिन पहले 30 मई को बर्खास्त कर दिया। 60 वर्षीय अधिकारी को 31 मई को अवकाश ग्रहण करना था और वह अहमदाबाद में पुलिस उपायुक्त (यातायात) पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा चार पुलिसकर्मियों और सरकारी हॉस्पिटल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दम्पति अरुण प्रकाश और संगीता प्रकाश को भी सबूत नष्ट करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। गुजरात गृह विभाग को भगोरा की बर्खास्तगी के संबंध में 29 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय से सूचना मिली थी। सरकारी रिकार्ड के अनुसार भगोरा राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी थे और उन्हें 2006 में प्रोन्नत कर आईपीएस कैडर प्रदान किया गया था। बर्खास्तगी के कारण भगोरा को वे सब लाभ नहीं मिल सकेंगे जिनके हकदार सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी होते हैं। उच्चतम न्यायालय ने इस साल मार्च में गुजरात सरकार से कहा था कि वह भगोरा सहित उन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करे जिन्होंने बिल्कीस बानो सामूहिक बलात्कार मामले में कर्तव्य पालन में कोताही की थी। बंबई उच्च न्यायालय ने भगोरा को दोषी ठहराया था।बर्खास्तगी के कारण भगोरा को वे सब लाभ नहीं मिल सकेंगे जिनके हकदार सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी होते हैं। गौरतलब है कि 2002 में दाहोद के रणधिकपुर की पीड़ित बिल्कीस बानो पर समूह ने दुष्कर्म किया था। उसके तीन बच्चों की हत्या भी कर दी गई थी। इस घटना के समय बिल्कीस बानो 5 महीने की गर्भवती थी। बिल्कीस ने गुजरात सरकार की तरफ से मिले 5 लाख रुपए के मुआवजे को ठुकराते हुए उच्चतम न्यायालय में अर्जी की थी। साथ की गुनाहगारों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की थी। अप्रैल में उच्चतम न्यायालय ने एक आदेश जारी कर गुजरात सरकार से कहा था कि बिल्कीस को 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा इस मामले में बाम्बे हाईकोर्ट ने कसूरवार पुलिस और डॉक्टर को सरकारी नौकरी से अलग करने और दो सप्ताह में उचित निर्णय लेने का आदेश भी दिया था। इसके पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने भगोरा और अन्य चार पुलिसकर्मियों तथा डॉक्टर दम्पति को निर्दोष छोड़ दिया था। परंतु सीबीआई ने इस फैसले को मुम्बई हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। तब हाईकोर्ट ने इन्हें अपराधी माना। हाल ही में बिल्कीस ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दी थी जिसपर कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था कि जिस पुलिस अधिकारी की सजा हो चुकी हो, वह ड्यूटी पर कैसे काम कर सकता है। इसका पालन करते हुए राज्य सरकार ने ट्राफिक शाखा में तैनात आईपीएस भगोरा को सेवानिवृत्ति के एक दिन पहले बर्खास्त कर दिया। इसके चार महीने पहले ही सरकार ने हेड कांस्टेबल नरपत पटेल को बर्खास्त किया था। दूसरी ओर सेवानिवृत्त इंसपेक्टर बी.आर.पटेल और आई.ए.सैयद को मिलने वाली पेंशन को रोकने का आदेश दिया है। इसके पहले बिलकिस बानो रेप केस मामले में आईपीएस आरएस भगोरा की जल्द सुनवाई वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने इनकार कर दिया था । इस याचिका में भगोरा ने बंबई हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की अपील की थी।कोर्ट ने कहा था कि पहले ही भगोरा जेल से रिहा हो चुका है, क्योंकि वह सजा काट चुका है, इसलिए मामले में कोई जल्दबाजी नहीं है। इसलिए हाईकोर्ट के दोषी करार देने के फैसले पर रोक नहीं लगाएंगे। भगोरा को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे दोषी करार दिया था, हालांकि कोर्ट ने जितनी सजा काटी, उसे काफी बताया था और 15 हजार का जुर्माना किया था। भगोरा ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। 4 मई 2017 को बिलकिस बानो रेप और मर्डर केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 11 दोषियों की अपील खारिज कर दिया था । कोर्ट ने इन दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी हालांकि, कोर्ट ने सीबीआइ की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कुछ दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने भगोरा समेत छह लोगों को बरी किए जाने के फैसले को भी पलट दिया। इनमें डॉक्टर और पुलिसवाले शामिल हैं। इन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। इसके पहले स्पेशल कोर्ट ने 21 जनवरी 2008 को बिलकिस बानो का रेप करने और उनके परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाले 11 लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। मामले में पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों समेत सात लोगों को छोड़ दिया गया था। ...

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यूपी में पत्रकार पर जानलेवा हमला

18-01-2019 15:10:37 पब्लिश - एडमिन

सहारा समय न्यूज़ के  पत्रकार पर दबंग लोगों ने ने किया जानलेवा हमला! ये पूरा मामला हंसराजपुर पुलिस चौंकी के सामने का हैं! पीड़ित पत्रकार प्रदीप दुबे अपने साथियों के साथ आज सुबह दुल्लहपुर में मनोज सिन्हा के कार्यक्रम में न्यूज कवरेज करने जा रहे थे | तभी दबंग किस्म के यादवों ने घात लगाए बैठे हुए कार सवार पत्रकार के ऊपर जानलेवा हमला बोल उन्हें ईटें पत्थर चलाकर बुरी तरीके से घायल कर दिया! वहीं जब पीड़ित पत्रकार चौकी इंचार्ज से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो चौकी इंचार्ज रूआबी झाड़ते हुए डॉट के भगा दिया खून से लहूलुहान पीड़ित पत्रकार आरोपियों व चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई के लिए सादियाबाद थाने में बैठा हैं! जानकारी के अनुसार ये पूरा मामला पुरानी रंजिश बताई जा रही हैं! चौकी इंचार्ज के इस घटिया करतूत से पत्रकार संघ आक्रोशित हैं, पत्रकार संघ ने एकजुट होकर आरोपी व चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई के लिए सादियाबाद थाने में डटे हुए है! महताब आलम, गाजीपुर ...

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नगर पालिका में पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित

13-01-2019 13:03:38 पब्लिश - एडमिन

रामनगर में पत्रकार प्रेस परिषद  के अध्यक्ष समीम दुर्रानी के नेतृत्व में कुँवर कपिल नेगी ( बटिस्टा) प्रदेश सचिव कांग्रेस (कमिटी) ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जसकरण सिंह राणा के साथ     नगर पालिका में  पत्रकार  सम्मान समारोह आयोजित किया  जिसमें  पत्रकार प्रेस परिषद  के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया सम्मान समारोह में कपिल नेगी ने कहा कि  पत्रकार प्रेस के सदस्य एकता का प्रतीक है   चाहे हिन्दू, मुस्लिम ,सिख ,ईसाई  हर किसी की भावनाओ का  ध्यान रखते हुए व  निष्पक्ष पत्रकारिता  करते हैं  पत्रकारिता के अलावा समाजिक कार्य जैसे गरीबो को  खाना,कपड़े, आदि देकर सराहनीय कार्य कर  ,सफाई  अभियान  में भी  बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है   और कहा  कि में कांग्रेस का सिपाही   हूँ  हमेशा कांग्रेस  पार्टी के लिए ततपर  रहूंगा  आगामी चुनाव में  पूर्व विधायक रणजीत रावत   की जीत होगी  और व सीoएम की दौड़ में  सबसे आगे होंगे     पत्रकार प्रेस परिषद के  अध्यक्ष समीम दुर्रानी ने कुँवर कपिल  नेगी व संयोजक मण्डल   का आभार व्यक्त करते हुए पत्रकारो को  सम्मानित करने के   लिए शुक्रिया अदा किया और पत्रकार   प्रेस परिषद के पत्रकारो की सराहना करते हुए कहा की हमारे संगठन के पत्रकार  हमेशा निष्पक्ष , ईमानदार व एकजुटता होकर पत्रकारिता करते हैं और सदैव करते रहेंगे मुझे पत्रकार प्रेस परिषद के समस्त पत्रकारो पर गर्व है     इस  दौरान अध्यक्ष समीम दुर्रानी, घश्याम सती, रमेश चंद्र टम्टा, जलीस अहमद कासमी, समीर अशरफ , अज़ीम खान  वरिष्ठ  आर टी आई कार्यकर्ता व आर टी आई क्लब उत्तरखंड के सदस्य , मयंक मनाली, ओम प्रकाश आर्यवंशी, गणेश कुमार गगन, पंकज तिवारी, सलीम अहमद, कलीमुद्दीन, संजय मेहता, हरपाल सिंह लटवाल, विनोद कुमार, शमशाद अली, नेमपाल सिंह सैनी, लक्ष्मी दत्त मन्दोलिया ,नितेश जोशी, वीरेंद्र कुमार, इंदु  छिमवाल ,मुकेश कुमार, अल्तमश दुर्रानी  ,पुरन  शर्मा,प्रकाश भट्ट  के अलावा जसकरण सिंह राणा(पूर्व प्रधान उपाध्यक्ष श्वेश प्रकोष्ट) ,पलविंदर सिंह(नीरू), मनिंदर सिंह गिल (प्रधान  जसपुर) ,मौ०शमीर आदि मौजूद रहे |    ...

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समाचार पत्रों की फिर से होगी जांच

12-01-2019 17:30:44 पब्लिश - एडमिन

पत्रकारों और समाचारपत्र कर्मियों के लिये गठित जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी  अमल में नहीं लाया जासका है। महाराष्टÑ के कामगार आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित त्रिपक्षीय समिति की बैठक में इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुये कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को अमल में लाया गया या नहीं इसकी जांच के लिये १५ दिनों के अंदर  ६ पथक बनाया जाए। साथ ही यह पथक सभी वर्तमान समाचार पत्रों की फिर से जांच करेंगे और फिल्ड आॅफिसर पूरी जांच रिर्पोट कामगार आयुक्त को देंगे। महाराष्टÑ में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को किसी भी समाचार पत्र प्रतिष्ठान द्वारा सही तरीके से लागू नहीं किया गया है। पत्रकारों और मीडियाकर्मियों पर विविध प्रकार के दवाब डाले जारहे हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी मीडियाकर्मी और पत्रकार जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश के अनुसार अपना बकाया वेतन और एरियर ना मांगे इसके लिये उन्हे डराया जारहा है। इस बारे में एनयूजे की महाराष्टÑ अध्यक्ष शीतल करदेकर ने कामगार आयुक्त का ध्यान दिलाया और कहा कि बार बार सर्वोच्च न्यायालय और श्रम मंत्रालय को फर्जी रिर्पोट कामगार विभाग द्वारा भेजी जारही है इसके लिये सभी वर्तमान समाचार पत्रों की फिर से और स्पष्ट जांच करायी जाए। जिसका बीयूजे के इंदर कुमार जैन ने भी समर्थन किया। इस बैठक में ध्यान दिलाया गया कि समाचार पत्र प्रतिष्ठानों द्वारा जानबुझकर अपने प्रतिष्ठानों की गलत बैलेंसिट देकर ग्रेडेशन पर मतभेद पैदा किया जारहा है। सबसे ज्यादा मतभेद समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के ग्रेडेशन को लेकर होता है। इसके लिये जरुरी है कि वर्तमान सभी समाचार पत्रों की बैलेंसिट आयकर विभाग से मंगायी जाए या दिल्ली स्थित डीएवीपी,कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय से  मंगवाया जाए। जिससे समाचार पत्रों का ग्रेडेशन तय हो। यह मुद्दा भी शीतल करदेकर ने उठाया । आठ महीने बाद मजीठिया वेतन आयोग को अमल में लाने के लिये त्रिपक्षीय समिति की बैठक महाराष्टÑ के कामगार आयुक्त के मुंबई स्थित कार्यालय मेंं बुलायी गयी थी। जिसकी अध्यक्षता खुद नये कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने किया। इस बैठक में मालिकों के प्रतिनिधि के रुप में सकाल के मेदनेकर उपस्थित थे जबकि मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के प्रतिनिधि के रुप में एनयूजे महाराष्टÑ की शीतल करदेकर, बीयूजे के मंत्रराज पांडे, इंदर जैन आदि उपस्थित थे। कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने सबसे पहले वर्तमान १२९ समाचार पत्रों की जिनके बारे में दावा किया गया है कि इन्होने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को  लागू नहीं किया है उनकी जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इसके लिये १५ दिनों में ६ जांच पथक भी बनाने का निर्देश दिया गया है। दो महीने में यह जांच पूरी करने का भी नये कामगार आयुक्त ने निर्देश दिया है। साथ ही कामगार आयुक्त ने कहा कि समाचार पत्र कर्मियों को डरने की कोई जरुरत नहीं है। नये कामगार आयुक्त ने यह भी कहा कि अगर किसी भी समाचार पत्र प्रबंधन ने अपने मीडियाकर्मियों से यह लिखवाकर लिया है कि उसे मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं चाहिये और अगर वह पात्र है तब भी उसे माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुसार मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ मिलेगा।  शशिकांत सिंह , मुंबई  ...

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बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी ने कई न्यूज़ चैनल व होटलों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने का दिया धमकी

11-01-2019 15:59:01 पब्लिश - एडमिन

  •  बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी ने कई न्यूज़ चैनल व होटलों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने का दिया धमकी

 बस्ती जिले में अपने खिलाफ खबर चलाने से भड़के सांसद हरीश द्विवेदी वर्तमान व्यवस्थाओं की कमी के चलते नेताओं के चोरी करने  वाले बयान पर कई न्यूज चैनलों व पोर्टलों ने चलाई थी खबर सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि वीडियो में एडिटिंग कर की जा रही मेर...

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मजीठिया वेज बोर्ड त्रिपक्षीय समिति की बैठक ५ को

11-01-2019 15:51:39 पब्लिश - एडमिन

देशभर में सरकारी महकमा सुप्रीमकोर्ट के आदेश को कितनी गंभीरता से लेता है इसकी एक बानगी देखिये। पत्रकारों से जुड़े जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की  सिफारिश ठीक से लागू हो इसके लिये सभी सरकारों को एक त्रिपक्षीय समिति बनाने और उसकी बैठक करने का निर्देश दिया गया । कईराज्यों में तो त्रिपक्षीय समिति बनी ही नहीं और बनी तो उसका रिजल्ट ढाक के तीन पात ही साबित हुये हैं। महाराष्टÑ की त्रिपक्षीय समिति की बैठक लगभग नौ महीने बाद पांच जनवरी को दोपहर तीन बजे आयोजित की जारही है। इसके पहले इस त्रिपक्षीय समिति की बैठक १२ अप्रैल २०१८ को की गयी थी। इस बैठक में मालिक के कई प्रतिनिधि पहले दिन सेलेकर अंतिम बैठक तक नदारत दिखे लेकिन उनसे एक बार भी लेबर विभाग नेनहींपूछा कि हुजूर आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड  की सिफारिश को अमल में लाने के लिए गठित महाराष्ट्र की  त्रिपक्षीय समिती की बैठक मुंबई में कामगार आयुक्त कार्यालय के समिती कक्ष में  ५ जनवरी  को दोपहर ३ बजे   आयोजित की जा रही है । इस बैठक में पत्रकारों की तरफ से पांच प्रतिनिधि नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट की महाराष्ट्र महासचिव शीतल हरीश करदेकर, बृहन मुंबई यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट के मन्त्रराज जयराज पांडे, रवींद्र राघवेंन्द्र देशमुख, इंदर जैन कन्वेनर ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ठाणे और किरण शेलार शामिल हैं। मालिकों की तरफ से जो पांच लोग शामिल हैं उनमें जयश्री खाडिलकर पांडे, वासुदेव मेदनकर, राजेंद्र कृष्ण रॉव सोनावड़े और बालाजी अन्नाराव मुले हैं। इस समिति में लोकमत की तरफ से दो प्रतिनिधि शामिल किये गए हैं जिनके नाम बालाजी अन्ना रॉव मुले और विवेक घोड़ वैद्य हैं जबकि रोहिणी खाडिलकर नवाकाल की हैं। इसी तरह राजेंद्र सोनावड़े दैनिक देशदूत नासिक से हैं। इसमे कई सदस्य बैठक में लगातार नदारत रहते हैं। बैठक की अध्यक्षता कामगार आयुक्त महाराष्ट्र  करेंगे।        शशिकांत सिंह, मुंबई  ...

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अंशकालिक संवाददाताओं को भी मिलेगा मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ

11-01-2019 15:44:17 पब्लिश - एडमिन

  • अंशकालिक संवाददाताओं को भी मिलेगा मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ

देश भर के समाचार पत्रों में कार्यरत उन अंशकालिक संवाददाताओं के लियेजो समाचार पत्रोंमें समाचार भेजने के बदले नाम मात्र भुगतान पाते थ के लिये एक अच्छी खबर आयी है। अब  अंशकालिक संवादताताओं को भी समाचार पत्र कर्मचारी मानते हुये जस्टिस मजीठिया वेज बो...

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मजीठिया

कहासुनी

जीआरपी एसओ की गुंडागर्दी, न्यूज़ 24 के पत्रकार को जमकर पीटा